Gurugram News : जापान की मदद से हरियाणा बनेगा ग्रीन स्टेट, होंडा कंपनी अब C&D वेस्ट से बनाएगी टाइलें
मुख्यमंत्री सैनी ने 6 से 8 अक्टूबर तक प्रस्तावित अपने जापान दौरे से पहले, जापानी कंपनियों को हरियाणा में निवेश बढ़ाने का न्योता दिया। उन्होंने नारायणगढ़ में जापानी कंपनियों के लिए एक अलग क्लस्टर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।

Gurugram News : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा को औद्योगिक और पर्यावरण के मोर्चे पर नई ऊँचाई पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रविवार को गुरुग्राम में जापान की प्रमुख कंपनियों के साथ विशेष बैठक के दौरान, C&D वेस्ट मैनेजमेंट (निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन) के लिए होंडा कंपनी (Honda) के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
समझौते के तहत हरियाणा सरकार प्लांट लगाने के लिए जमीन और निर्माण का कूड़ा उपलब्ध कराएगी, जबकि होंडा कंपनी इस C&D वेस्ट का उपयोग करके टाइलें बनाएगी। यह कदम अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है।

मुख्यमंत्री सैनी ने 6 से 8 अक्टूबर तक प्रस्तावित अपने जापान दौरे से पहले, जापानी कंपनियों को हरियाणा में निवेश बढ़ाने का न्योता दिया। उन्होंने नारायणगढ़ में जापानी कंपनियों के लिए एक अलग क्लस्टर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि यह स्थान चंडीगढ़, यूपी, उत्तराखंड और पंजाब से केवल 40-45 किलोमीटर दूर है, जो व्यापार के लिए उत्कृष्ट कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
मानेसर में पानी की समस्या को दूर करने के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मूनक नहर से पाइपलाइन द्वारा पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके लिए 3000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह व्यवस्था आगामी 25-30 वर्षों में बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।
इसके अलावा, सरकार रासायनिक युक्त औद्योगिक पानी के पुन: उपयोग पर बल दे रही है और इसके लिए मानेसर में 78 करोड़ रुपये की लागत से एडवांस तकनीकें अपनाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने जापानी कंपनियों से सीएसआर के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क सौंदर्यीकरण में सहयोग करने की भी अपील की।
अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएँ:

- गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में एडवांस तकनीक की फायर ब्रिगेड व्यवस्था।
- 10 नई आईएमटी (औद्योगिक मॉडल टाउनशिप) स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू।
- हरियाणा में 500 मेगावाट का ग्रीन एनर्जी प्लांट स्थापित करने हेतु एमओयू।










